IAS Full Form in Hindi : आईएएस का फुल फॉर्म क्या है

ias full form in hindi: हिंदी में आईएएस का फुल फॉर्म "भारतीय प्रशासनिक सेवा" है। वहीँ अंग्रेजी में IAS KA Full Form "Indian Administrative Service" होता है।
क्या आप जानते है कि “आईएएस का फुल फॉर्म क्या होता है ?” अगर नहीं, तो आइए जानते है  IAS ka Full Form in Hindi की विस्तृत जानकारी। हिंदी में आईएएस का फुल फॉर्म  “भारतीय प्रशासनिक सेवा” है। वहीँ अंग्रेजी में IAS KA Full Form “Indian Administrative Service” होता है। 
आईएएस परीक्षा को, भारत की सबसे बड़ी प्रतियोगी परीक्षा माना जाता है। इसका आयोजन प्रतिवर्ष UPSC द्वारा किया जाता है।
सिविल सेवा परीक्षा में चयनित अधिकारी भारत सरकार, राज्य सरकार या सार्वजनिक क्षेत्र के महत्वपूर्ण पदों पर चुने जाते है।
UPSC द्वारा आयोजित Civil Service Exam के माध्यम से 23 बड़े पदों पर भर्ती आयोजित की जाती है। लेकिन इनमे से IAS का पद सबसे लोकप्रिय एवं पॉवरफुल माना जाता है। 
यदि आप भी Civil Service Exam की तैयारी में लगे हुए है।  तो यह लेख आपको आईएएस का फुल फॉर्म एवं इससे जुडी विस्तृत जानकारी प्रदान करेगा।      

आईएएस का फुल फॉर्म क्या है (IAS Full Form in Hindi)

IAS ka full Form in Hindi और इंग्लिश में अलग-अलग होता है। जहाँ हिंदी में आईएएस का फुल फॉर्म “भारतीय प्रशासनिक सेवा” है। वहीँ अंग्रेजी में IAS Ka Full Form “Indian Administrative Service” होता है। 

नाम  

 आईएएस (IAS)

 IAS ka Full Form 

 Indian Administrative Service

 IAS Full Form in Hindi 

 भारतीय प्रशासनिक सेवा

 आयोजक 

 संघ लोक सेवा आयोग (UPSC)

 आयोजन 

 प्रति वर्ष (राष्ट्रिय स्तर पर) 

 Official Website 

 https://www.upsc.gov.in/

 योग्यता 

 स्नातक स्तर 

 लोकप्रिय पद 

 जिलाधिकारी (डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट)

कुछ लोगो को लगता है की आईएएस का फुल फॉर्म, जिलाधिकारी या डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट (DM) होता है। लेकिन यह सत्य नहीं है। 
IAS एक रैंक होती है जो UPSC द्वारा आयोजित Civil Service Exam में प्राप्त होता है। Civil Service Exam में सर्वाधिक अंक लाने वाले अभ्यर्थियों को ही यह रैंक दी जाती है। 
एक IAS रैंक का अधिकारी ही अनुभव एवं योग्यता के आधार पर जिलाधिकारी या डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट (DM) बनता है। इसके अलावा आईएएस रैंक के अधिकारियो की नियुक्ति विभिन्न अन्य स्थानों पर भी की जाती है। 

आईएएस क्या है : (IAS kya hota hai)

जिस प्रकार किसी देश को चलाने के लिए प्रधानमंत्री/राष्ट्रपति की आवश्यकता होती है। राज्य को चलाने के लिए मुख्यमंत्री/राज्यपाल की आवश्यकता होती है।
उसी प्रकार किसी भी प्रशासन (मंत्रालय/विभाग/संघठन/आयोग) को सुचारू रूप से व्यवस्थित करने के लिए प्रशासनिक अधिकारी की जरुरत होती है।

इसी जरुरत को पूरा करने के लिए अखिल भारतीय सेवा (AIS), भारत में सिविल सेवाओं को संचालित करती है। अंग्रेजो के शासन काल में इसे Indian Civil Service (ICS) के नाम से जाना जाता था।
अखिल भारतीय सेवा के  प्रमुख पद निम्न है।

  1. Indian Administrative Service – भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) 
  2. Indian Police Service – भारतीय पुलिस सेवा  (IPS)
  3. Indian Foreign Service – भारतीय विदेश सेवा (IFS)
  4. Indian Revenue Service  – भारतीय राजस्व सेवा (IRS)
IAS और IPS भर्ती के लिए परीक्षा का आयोजन संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) द्वारा आयोजित किया जाता है। जबकि IFS और IRS परीक्षा का आयोजन अलग से किया जाता है। 

अखिल भारतीय सेवाओं में भारतीय प्रशासनिक सेवा ”आईएएस” को सबसे लोकप्रिय पद माना जाता है। UPSC द्वारा आयोजित परीक्षा में सर्वाधिक अंक लाने पर ही यह पद मिलता है। 

आईएएस बनने के लिए कौन सा एग्जाम देना पड़ता है : IAS Kaise Bane 

IAS बनने के लिए सिविल सेवा परीक्षा (Civil Service Exam) देना पड़ता है।  इस परीक्षा का आयोजन संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) द्वारा प्रति वर्ष किया जाता है। 
सिविल सेवा परीक्षा के माध्यम से 24  विभिन्न सेवा पदों के लिए भर्ती आयोजित की जाती है। CSE परीक्षा में प्राप्त रैंक के आधार पर ही अभ्यर्थियों के पदों का निर्धारण किया जाता है। 

आईएएस बनने के लिए योग्यता  

वर्तमान समय में IAS बनने के लिए न्यूनतम योग्यता स्नातक (Graduate) स्तर की होती है। जबकि सामान्य वर्ग और EWS की आयु सीमा 21-32  वर्ष निर्धारित की गयी है। 
 अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) को तीन (35 वर्ष) और अनुसूचित जाति / अनुसूचित जनजाति (एससी / एसटी) को पांच (37 वर्ष) तक की आयु में छूट प्राप्त है। 
नेत्रहीन एवं विकलांगो को 10 वर्ष (42) तक की आयु में छूट होती है। 
UPSC द्वारा आयोजित Civil Service Exam में प्रयासो की संख्या निम्न है 
  • सामान्य वर्ग व EWS-  06 
  • अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) – 09 
  •  अनुसूचित जाति / अनुसूचित जनजाति (एससी / एसटी) – असीमित 


उपरोक्त योग्यता रहने पर ही आप आईएएस परीक्षा में सम्मलित हो सकते है। अधिक जानकारी के लिए UPSC की आधिकारिक वेबसाइट पर विजिट करे। 

आईएएस के कार्य :

एक आईएएस अधिकारी का कार्य उसे मिलने वाले क्षेत्र या विभाग के प्रशासन पर निर्भर करता है। उन्हें प्राप्त विभाग में विकास के लिए प्रस्ताव बनाने एवं सरकारी नीतियों को लागु कराने की जिम्मेदारी प्राप्त होती है। 
उन्हें अपने क्षेत्र से सम्बंधित सभी निर्णय लेने की पूरी छूट होती है। 
आईएएस में जिला अधिकारी का पद काफी पावरफुल माना जाता है। डीएम के पास जिले की सभी प्रमुख विभागों की जिम्मेदारी होती है। एक प्रकार से डीएम ही पुरे जिले का मुखिया होता है। 
जिले के कानून व्यवस्था (लॉ एंड आर्डर) के साथ साथ पूरी पुलिस व्यवथा की जिम्मेदारी भी डीएम के पास ही होती है। 

आईएएस बनने के लिए कितने पैसे लगते हैं : आईएएस की तैयारी में कितना खर्च आता है 

IAS परीक्षा की तैयारी करने से पहले आपके मन में यह प्रश्न जरूर आता होगा कि आईएएस बनने के लिए कितने पैसे लगते हैं? या आईएएस की तैयारी में कितना खर्च आता है?
आधिकारिक तौर पर आपको IAS बनने के लिए कोई भी पैसा नहीं देना पड़ता है। आप सिर्फ 100 रुपये का UPSC का फॉर्म भरकर इसे Apply कर सकते है। 
लेकिन किसी भी प्रतियोगी परीक्षा में सफलता पूर्वक सफल होने के लिए निम्न दो चीजो की आवश्यकता पड़ती है।
  1. Coaching Institute
  2. Books & Study Materials 

दुर्भाग्यवश इन दोनों चीजों के लिए आपको काफी मोटा पैसा खर्च करना पड़ता है। वर्तमान में IAS Coaching के नाम पर संस्थान लाखो रुपये चार्ज करती है। इनमे भी IAS Prelims + Mains के लिए अलग अलग कोर्स के नाम पर अलग अलग फीस ली जाती है। 

इसके अलावा NCERT Book एवं IAS Study Materials के लिए भी आपको हजारो रुपये खर्च करने पड़ सकते है। 
यदि आप घर से बाहर निकलकर तैयारी करते है तो इसके लिए अलग से खर्च का वाहन करना होगा। जिसमे आपके रूम खर्च, किराया, Monthly Expenditure शामिल है।  

आईएएस बनने के लिए कौन सी डिग्री चाहिए

IAS परीक्षा में सम्मलित होने की न्यूनतम डिग्री स्नातक (Graduate) है। इसके लिए अभ्यर्थी के पास भारत के किसी भी विश्वविद्यालय से स्नातक की डिग्री होनी चाहिए। 
स्नातक अंतिम वर्ष के छात्र भी इस परीक्षा में सम्मलित हो सकते है।  प्रोफ़ेशनल/टेक्निकल कोर्स के अभ्यर्थी जो भारत सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त हो (स्नातक स्तर तक) भी इस परीक्षा में सम्मलित हो सकते है। 

आईएएस बनने के लिए कौन सी पढ़ाई करनी पड़ती है 

जैसा कि उपरोक्त से पता चल गया होगा कि आईएएस बनने के लिए स्नातक स्तर की पढाई जरुरी होती है। इसके आलावा UPSC द्वारा Civil Service Exam की Preparation की भी पढाई करनी पड़ती है। 
Civil Service Exam का आयोजन दो चरणों (Prelims+ Mains) में किया जाता है। इसके बाद साक्षात्कार के माध्यम से अंतिम चयन किया जाता है। 
आईएएस बनने के लिए आपको IAS Prelims और Mains की पढाई अच्छे से करनी होगी। इसके लिए आप किसी अच्छे Coaching Institute की मदद ले सकते है। 
नवीनतम UPSC पैटर्न पर आधारित Civil Service Exam (IAS Prelims) के लिए परीक्षा पैटर्न निम्न है। 
  1. सामान्य अध्ययन – 200 अंक 
  2. सिविल सेवा एप्टीट्यूड टेस्ट (CSAT) – 200 अंक

नवीनतम UPSC पैटर्न पर आधारित Civil Service Exam के मुख्य परीक्षा का पैटर्न निम्न होता है। 

  • पेपर ए – कोई एक भारतीय भाषा – 300 अंक 
  • पेपर बी – अंग्रेजी – 300 अंक 
  • पेपर 1 –  निबंध – 250 अंक 
  • पेपर 2 – सामान्य अध्ययन 1 – 250 अंक
  • पेपर 3 – सामान्य अध्ययन 2 – 250 अंक
  • पेपर 4 – सामान्य अध्ययन 3 – 250 अंक
  • पेपर 5 – सामान्य अध्ययन 4 – 250 अंक
  • पेपर 6 – वैकल्पिक विषय १ – 250 अंक
  • पेपर 7 – वैकल्पिक विषय २ – 250 अंक
यदि आप भी एक सफल आईएएस अधिकारी बनना चाहते है. तो आपको उपरोक्त विषयो की पढाई करनी होगी। 

IAS Full Form in Hindi FAQ’s :

सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी करने वाले छात्रों के मन में आईएएस का फुल फॉर्म क्या है? या IAS ka Full Form in Hindi से सम्बंधित प्रश्न अवश्य रहता है। 
कभी कभी कुछ प्रतियोगी परीक्षा में भी IAS ka Full Form in Hindi से जुड़ा प्रश्न सीधे पूछ लिया जाता है। ऐसे में आपको इसकी जानकारी होना काफी आवश्यक है। 
IAS  से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण FAQs निम्न है। 

आईएएस का फुल फॉर्म क्या होता है (IAS ka full form in Hindi)

आईएएस का फुल फॉर्म “इंडियन एडमिनिस्ट्रेटिव सर्विस” होता है। IAS Ka Full Form, Indian Administrative Service होता है। 
जबकि IAS full form in Hindi में भारतीय प्रशासनिक सेवा होता है। 

आईएएस का मतलब क्या होता है 

आईएएस का मतलब “भारतीय प्रशासनिक सेवा” होता है। लेकिन कुछ लोगो को अज्ञानता वश आईएएस का मतलब जिलाधिकारी या डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट (DM) लगता है, जो की गलत है। 
IAS एक रैंक होती है जो UPSC द्वारा आयोजित Civil Service Exam में प्राप्त होता है। Civil Service Exam में सर्वाधिक अंक लाने वाले अभ्यर्थियों को ही यह रैंक दी जाती है। 
एक IAS रैंक का अधिकारी ही अनुभव एवं योग्यता के आधार पर जिलाधिकारी या डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट (DM) बनता है। इसके अलावा आईएएस रैंक के अधिकारियो की नियुक्ति विभिन्न अन्य स्थानों पर भी की जाती है।

आईएएस के लिए Height कितनी होनी चाहिए

IAS के लिए हाइट की आवश्यकता नहीं होती है। इसके लिए सिर्फ उम्मीदवार का मानसिक और शारीरिक स्वस्थ होना चाहिए। इसमें हाइट, वजन एवं आँखों की रोशनी की मायने नहीं रखती है। 
UPSC द्वारा आयोजित CIVIL SERVICE EXAM में दूसरा सबसे बड़ा पद IPS का होता है। IPS के लिए शारीरिक मानक काफी महत्वपूर्ण एवं अनिवार्य अंग होता है। 
आईपीएस के लिए हाइट का निर्धारण UPSC के ऑफिसियल वेबसाइट के अनुसार निम्न है। 
  • सामान्य वर्ग (पुरुष) – 165 सिमी 
  • OBC/SC/ST (पुरुष) – 160 सिमी 
  • सामान्य वर्ग (महिला) – 150 सिमी 
  • OBC/SC/ST (महिला) – 145 सिमी 
उपरोक्त से आपको पता चल गया होगा की आईएएस बनने के लिए हाइट का कोई विशेष रोल नहीं होता है। लेकिन यदि आप IPS अधिकारी बनना चाहते है तो हाइट आपके लिए काफी महत्वपूर्ण हो जाता है। 

क्या विना ग्रेजुएशन के आईएएस बन सकते है। 

नहीं , विना ग्रेजुएशन के आप आईएएस नहीं बन सकते है। क्यूंकि UPSC द्वारा आयोजित इस परीक्षा में सम्मलित होने की न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता ग्रेजुएशन है। 
विना ग्रेजुएशन के आप इसके प्रवेश परीक्षा में शामिल नहीं हो सकते है। यदि आप ग्रेजुएशन के अंतिम वर्ष में है तो भी आप इस परीक्षा में शामिल हो सकते है। 
या आप भारत सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त संस्थान से ऐसा कोर्स किये हो जिसकी योग्यता ग्रेजुएशन के बराबर हो तो आप आईएएस के लिए अप्लाई कर सकते है। 

आईएएस का काम क्या होता है 

IAS का काम उन्हें प्राप्त विभाग में विकास के लिए प्रस्ताव बनाने एवं सरकारी नीतियों को लागु कराने का होता है। 
आईएएस में जिला अधिकारी का पद काफी पावरफुल माना जाता है। डीएम के पास जिले की सभी प्रमुख विभागों की जिम्मेदारी होती है। एक प्रकार से डीएम ही पुरे जिले का मुखिया होता है। 
जिले के कानून व्यवस्था (लॉ एंड आर्डर) के साथ साथ पूरी पुलिस व्यवथा की जिम्मेदारी भी डीएम के पास ही होती है। 

आईएएस बनने के लिए कितने नंबर लाने पड़ते है 

एक IAS अधिकारी बनने के लिए कितने नंबर लाने पड़ते है यह प्रतिवर्ष आयोजित सिविल सेवा परीक्षा पर निर्भर करता है। क्यूंकि UPSC द्वारा आयोजित सिविल सेवा परीक्षा में टॉप रैंक प्राप्त अभ्यर्थी ही आईएएस पद के लिए योग्य होते है। 
ऐसे में आईएएस बनने के लिए जरुरी नंबर प्रति वर्ष बदलता रहता है। इसका निर्धारण उम्मीदवारो द्वारा प्राप्त अंको पर निर्भर करता है। 

UPSC Civil Service Exam Cutt Off 2021 
  • General – 87.54 + 745  = 953 
  • EWS – 80.14 + 713 = 916
  • OBC – 84.85 + 707 = 910
  • SC – 75.41 + 700 = 886
  • ST – 70.71 + 700 = 883

UPSC Civil Service Exam Cutt Off 2020

  • General – 92.51 + 736  = 944 
  • EWS – 77.55 + 687 = 894
  • OBC – 89.12 + 698 = 907
  • SC – 74.84 + 680 = 875
  • ST – 68.71 + 682 = 876


उपरोक्त से आप देख सकते है की प्रत्येक  वर्ष की कट ऑफ अलग अलग होती है। ऐसे में आपको आईएएस बनने के लिए उस वर्ष आयोजित Civil Service Exam में सर्वाधिक नंबर लाना होगा। इसके लिए कोई पहले से फिक्स नंबर निर्धारित नहीं होता है। 
लेकिन आप उपरोक्त कट ऑफ से यह अनुमान लगा सकते है की किस कैटेगरी के लिए कितने मार्क्स की जरुरत पड़ सकती है। 

एक जिले में कितने IAS होते हैं 

किसी एक जिले में कितने आईएएस होंगे इसका निर्धारण उनकी आवश्यकता पर निर्भर करता है। IAS का मतलब सिर्फ जिलाअधिकारी या डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट ही नहीं होता है। बल्कि वे सभी प्रशासनिक अधिकारी जो किसी भी विभाग/प्रशासन/आयोग में विकास के लिए प्रस्ताव बनाने एवं सरकारी नीतियों को लागु कराने में अहम भूमिका निभाते हो, IAS रैंक के अधिकारी हो सकते है। 
एक आईएएस अधिकारी निम्न पदों पर किसी जिले में नियुक्त हो सकता है। 
  • सचिव 
  • अध्यक्ष 
  • आयुक्त 
  • प्रधान कर्मचारी अधिकारी 
  • संभागीय आयुक्त 
  • निर्देशक 
  • प्रबंध संचालक 
  • जिलाधिकारी 
  • मुख्य विकास अधिकारी 

उपरोक्त सभी पदों पर कोई आईएएस रैंक का अधिकारी नियुक्त हो सकता है। वर्तमान समय में सर्वाधिक IAS अधिकारी उत्तर प्रदेश (500+) में कार्यरत है। 



उपरोक्त लेख में हमने IAS ka Full Form in Hindi का विस्तार से अध्ययन किया। यदि आपके मन में अभी भी आईएएस का फुल फॉर्म क्या है ? से सम्बंधित कोई प्रश्न या सुझाव हो तो हमसे साझा अवश्य करे। 

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