Noun In Hindi Grammar : Sangya हिंदी व्याकरण संज्ञा की परिभाषा भेद एवं उदहारण

Noun Sangya in Hindi Grammar

Noun in Hindi Grammar :  संज्ञा (Sangya) को हिंदी व्याकरण   का  प्रमुख अंग माना जाता है। हिन्दी ग्रामर में इसे (नाउन को) विकारी शब्द (Declinable Words) के अंतर्गत रखा गया है। 

इस लेख में हम लोग Noun Definition in Hindi (Sangya ki Paribhasha), भेद एवं उदाहरण का विस्तृत अध्ययन करेंगे। 

Noun In Hindi Grammar {संज्ञा (Sangya)} :

 संज्ञा  का अर्थ "नाम (Name)" होता है। विश्व में जितने भी व्यक्ति या वस्तुए है , उनका कुछ-न-कुछ नाम जरूर होता है। इन्ही नामो से ही उन व्यक्ति या वस्तुओ को पहचाना जाता हैं। 

जैसे- १- राम ने क्रिकेट खेला । (यहाँ पर "राम" किसी बालक का नाम हैं। )

 हिंदी व्याकरण में कोई भी वाक्य बिना Sangya के सम्भव ही नहीं है। 

Sangya ki Paribhasha (संज्ञा की परिभाषा) :

वह शब्द, जिससे किसी वस्तु, व्यक्ति, स्थान, समूह या भाव का नाम ज्ञात हो, संज्ञा (Noun) कहलाता है। 

जैसे -कार, रमेश, प्रयागराज, सेना, लोभ 

संज्ञा के प्रकार (Sangya Ke Bhed) :

प्रारम्भ में हिंदी व्याकरण में Sangya के तीन भेद होते थे। 

  1. व्यक्तिवाचक 
  2. जातिवाचक
  3. भाववाचक 

परन्तु अब अधिकांश जानकार Hindi Vyakaran में Sangya के पांच भेद मानते हैं।

संज्ञा के भेद प्रकार
संज्ञा के भेद
  1. व्यक्तिवाचक  (Proper)
  2. जातिवाचक  (Common)
  3. भाववाचक   (Abstract)
  4. द्रव्यवाचक   (Material)
  5. समूहवाचक  (Collective)

नोट- पहले समूहवाचक और द्रव्यवाचक सँज्ञा को जातिवाचक सँज्ञा के अंतर्गत ही माना जाता था। 

१- व्यक्तिवाचक संज्ञा (Proper Noun in Hindi) :

जिस शब्द से किसी "एक ही" वस्तु, व्यक्ति, स्थान का बोध (नाम) होता हो , उसे व्यक्तिवाचक (Vyakti Vachak Sangya) कहते हैं। 

जैसे-  

* व्यक्ति - राम, मोहन, सीता, गीता, रमेश , महेश 

* वस्तु - नोकिआ फोन, उषा पंखा, वीडियोकोन टीवी 

* स्थान - प्रयाग, काशी, दिल्ली, हिमायलय 

२- जातिवाचक संज्ञा (Common Noun in Hindi) :

जिस शब्द  से किसी वस्तु, स्थान, प्राणी की सम्पूर्ण जाति या पुरे वर्ग का बोध हो, उसे जातिवाचक (Jativachak Sangya) कहते है। 

जैसे -

* वस्तु - पुस्तक, पंखा, मशीन 

* प्राणी - सेना, मनुष्य,लड़का 

* स्थान - पहाड़, नदी, शहर, विद्यालय 

३- भाववाचक संज्ञा (Abstract Noun in Hindi) :

जिस शब्द से किसी वस्तु अथवा व्यक्ति के गुण, भाव, दशा, अवस्था, धर्म, स्वभाव का बोध होता है , उसे भाववाचक (Bhav Vachak Sangya) कहते है। 

जैसे- मोह, लोभ, आनंद, गुस्सा, वीरता, लालच, 

नोट- भाववाचक पहचानने के लिए कुछ चिन्हो का प्रयोग होता है , ये शब्द के अंत में प्रत्यय के रूप में लगते हैं । 

भाववाचक (Bhav Vachak Sangya) बनाना :

जातिवाचक सँज्ञा, सर्वनाम, विशेषण, क्रिया तथा अव्यय के साथ प्रत्यय का प्रयोग करके भाववाचक सँज्ञा  बनती है। 

जातिवाचक से भाववाचक  बनाना -

१- "ता" प्रत्यय से = मानव-मानवता, मित्र-मित्रता, प्रभु-प्रभुता, पशु-पशुता 

2- त्व प्रत्यय से = पशु-पशुत्व , मनुष्य-मनुष्यत्व, कवी-कवित्व, गुरु-गुरुत्व 

3- "पन" = लड़का-लड़कपन , बच्चा- बचपन 

4- अ =  शिशु-शैशव, गुरु-गौरव, विभु-वैभव 

5- इ व ई =  भक्त-भक्ति, नौकर-नौकरी, चोर-चोरी 

६- आपा =बुढा-बुढ़ापा, 

सर्वनाम (Pronoun) से भाव-वाचक (Bhav Vachak) -

१- त्व = अपना-अपनत्व, निज-निजत्व, स्व-स्वत्व 

2- पन = अपना-अपनापन, पराया-परायापन 

3- कार = अंह-अंहकार 

4- स्व = सर्व-सर्वस्व 

विशेषण (Adjective) से भाव वाचक (BhavVachak) -

१- आई = साफ-सफाई , अच्छा-अच्छाई, बुरा-बुराई

2-आस = खट्टा-खटास, मीठा-मिठास 

3- ता = उदार-उदारता, वीर-वीरता, सरल-सरलता 

4- य = मधुर-माधुर्य, सुंदर-शौन्दर्य, स्वस्थ-स्वास्थ्य 

5-पन = खट्टा-खट्टापन , पिला-पीलापन 

६- त्व = वीर-वीरत्व 

7- ई = लाल-लाली 

क्रिया (Verb) से भाव-वाचक (Bhav Vachak) -

१- अ = खेलना-खेल, लूटना-लूट, जीतना-जीत 

2- ई व आई = हँसाना-हँसी, चढ़ना-चढ़ाई, पढना-पढाई, लिखना-लिखावट 

3- आवट = बनाना-बनावट, थकना-थकावट, लिखना-लिखावट 

4-आव व आहट = चुनना-चुनाव , घबराना-घबराहट, गुनगुनाना-गुनगुनाहट 

अव्यय (Indeclinable) से भाववाचक -

१-ई = भीतर-भीतरी , ऊपर-ऊपरी, दूर-दूरी 

2-इक = परस्पर-पारस्परिक, व्यवहार-व्यवहारिक

3-ता = निकट-निकटता,शीघ्र-शीघ्रता  

४- द्रव्यवाचक संज्ञा (Material Noun in Hindi):

जिस शब्द से माप-तौल वाली वस्तु ,द्रव्य या पदार्थ का बोध हो उसे द्रव्यवाचक (Dravya Vachak Sangya) कहते है। 

जैसे - दूध, चावल, सोना, चांदी, पेट्रोल, कोयला

५- समूहवाचक संज्ञा (Abstract Noun in Hindi):

वह शब्द जिससे किसी वस्तु ,व्यक्ति या प्राणियो के समूह की जानकारी प्राप्त होती हो, उसे समूहवाचक (Samooh Vachak Sangya) कहते है। 

व्यक्तियों का समूह - संघ, परिवार, सभा, समिति, झुण्ड, कक्षा etc 

उपरोक्त लेख में हमने संज्ञा की परिभाषा ,भेद एवं उदहारण  सहित विस्तृत अध्ययन किया। जिससे आपको हिंदी व्याकरण (Hindi Grammar) में Sangya (Noun in Hindi) को समझने में काफी आसानी हुई होगी। 

"यदि आपका इससे जुड़ा कोई प्रश्न,सुझाव या विचार हो तो हमें कमेंट करके जरूर बताएं। "

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